चंबल के बीहड़ में दौड़कर मनीषा बनीं एथलीट

आगरा : आठ मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस है। ताजनगरी में ऐसी कई महिलाएं है जिन्होंने अपने संघर्ष की बदौलत नई पहचान बनाई है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अमर उजाला ‘आगरा की शक्ति’ का परिचय करा रहा है।
मनीषा के माता-पिता कमलेश और मुरारीलाल किसान हैं। खेत में फसल की कटाई, निराई करने में उनको भी सहायता करनी पड़ती है। खेतों और चंबल के पगडंडियों पर की गई मेहनत रंग लाई। उन्होंने 2019 में जूनियर नेशनल एथेलिटिक्स गुंटूर(आंध्र प्रदेश) में रजत पदक जीता।

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