भाई जान आप कौम के गद्दार क्यों साबित हुए ——-?

एडवोकेट इन्तखाब आजाद【96 27 405 405】

सहारनपुर【 उत्तर प्रदेश 】:हाल ही में संपन्न मेयर चुनाव के परिणाम ने जहां सियासी सिस्टम को हिला कर रख दिया है वही मुसलमानों की रहनुमाई का दम भर कर बोटी बोटी करने वाले तथाकथित मुस्लिम नेता भी इस चुनाव परिणाम से आहत हैं ।आज उन्हें खुद को भी यह एहसास हो रहा है कि मुस्लिम वोट तक्सीम हुआ और हाजी फजलुर्रहमान साहब हार गये है । यह बात सिर्फ मैं ही नहीं कह रहा हूं बल्कि यह बात खुद तथाकथित मुस्लिम नेता मेरा भाई जान सोशल साइट पर एक वीडियो में कहता दिख रहा है। मेरा भाई तथाकथित मुस्लिम नेता खुद को मुसलमानों का नेता बताते हुए कांग्रेस प्रत्याशी के लिए वोट मांगा और अपनी कयादत बचाने की दुहाई दी। उन्होंने कहीं भी अपने भाषण में कॉम या समाज की बात नहीं कही ।अब भाई जान कह रहा है कि हाजी फजलुर्रहमान ने मेरा वोट काट लिया।



उधर तथाकथित मुस्लिम नेता खुद को सर्व समाज का यानि हिंदू मुस्लिम एकता का प्रतीक बताता है। जब मुजफ्फराबाद में जगदीश राणा को चुनाव हराया तो वहा यह नारा दिया कि “”” चोटे और लोटे””” की लड़ाई है । नगरपालिका में बोर्ड की पहली मीटिंग में हिंदू बहनों के ऊपर हमला कर उनके कपड़े तक फड़वा डाले,, जिनमें बाद में गुलशन गंभीर की हत्या भी हुई ।लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बोटी बोटी करने की बात कही,, बाद में फंसता देख माफी भी मांग ली। यही नहीं बीते दिनों सोशल साइट पर अपनी लाइव वीडियो में भाईजान ने खुद कहा कि दलितों ने मुझे वोट नहीं दिया,, फिर कहा हिंदुओं ने भी मुझे वोट नहीं दिया और यही नहीं रुका यह भी कहा कि मुझे मुसलमानों ने भी वोट नहीं दिया।




यह मैं नहीं कह रहा हूं बल्कि खुद तथाकथित मुस्लिम नेता कह रहा है ।अब सवाल यह है कि जब आप को दलितों ने वोट नहीं दिया,, हिंदुओं ने वोट नहीं दिया और मुसलमान भी नहीं दे रहे थे तो आप ही के मुताबिक आपके पास वोट नहीं था तो फिर आपने हाजी फजलुर्रहमान को,, मुस्लिम वोट तक्सीम करवा कर क्यों हरवाया ——–? जबकि आपको पता था कि हिंदू भी हाजी फजलुर्रहमान को वोट दे रहा है और खुद हाजी फजलुर रहमान का रिकॉर्ड भी इस बात का गवाह है कि हाजी फजलुर्रहमान को 18000 हिंदुओं का मिला है। आप भी वीडियो कैसेट में कह रहे हैं फिर भाईजान सवाल यह उठता है कि आप को मुस्लिम वोट तकसीम करवाकर हाजी फजलुर्रहमान को हरवा कर क्या मिला ——–? आप कौम के गद्दार क्यों साबित हुए ——-? आप आखिर चाहते क्या थे ——? यह हमारी समझ से परे की बात है आप कहते हो कि मैं तो अपनी पार्टी के प्रति वफादारी से चुनाव लड़ा रहा था अगर आप की इस बात पर भी हम यकीन कर ले तो फिर भाई साहब आपने देवबंद में समाजवादी पार्टी के कैंडिडेट को खुला समर्थन क्यों दिया हुआ था —–? यह भी आप स्पष्ट करें।

नोट यह खबर केवल न्यूज़ हॉक्स 24 पोर्टल के माध्यम से अग्रेसित की जा रही है, समस्त विवादों के लिए लेखक ही मान्य होगा

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