वाराणसी: प्रधानमंत्री ने दिया चुनाव में जीत का मंत्र, दौरे पर मोदी ने बनाया इतिहास।

वाराणसी: प्रधानमंत्री ने दिया चुनाव में जीत का मंत्र, दौरे पर मोदी ने बनाया इतिहास।

रिपोर्ट फराह अंसारी
अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी आए प्रधानमंत्री मोदी ने जनसभा को संबोधित किया। रात में मोदी नगर के भ्रमण पर निकले। इस दौरान उनके साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी भी थे। मोदी का काफिला डीरेका से रात सवा दस बजे निकला। मोदी रात में बीएचयू परिसर स्थित विश्वनाथ मंदिर, गोदौलिया, नदेसर में दूरदर्शन केंद्र और कैंट रेलवे स्टेशन होते हुए साढ़े ग्यारह बजे डीरेका लौटे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को डीरेका में आयोजित भाजपा पदाधिकारियों की बैठक में पार्टी के एक जुझारू कार्यकर्ता के रूप में मौजूद थे। एक शिक्षक की तरह संगठन की परिकल्पना से परिचय कराते हुए पीएम ने 2019 की तैयारियों का खाका खींचा और कार्यकर्ताओं को चुनाव में जीत का मंत्र भी दिया। मोदी ने कहा कि जनता जर्नादन सबसे बड़ी ताकत होती है।



लोकतंत्र का काला टीका लोकतंत्र पर किसी की नजर नहीं लगने देता है। इसके लिए हर युवा को मतदाता बनाना है और उसे बूथ तक पहुंचाना हमारा लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने मिशन 2019 का मंत्र देते हुए टिफिन पर संवाद का मूल मंत्र दिया।

जनता का दिल जीतने के लिए मोदी ने मंत्र दिया। कहा, चाय के साथ ही अब कार्यकर्ता टिफिन पर चर्चा करेंगे। बताया कि गुजरात में 50 लोग एक साथ रात में बैठते थे और सभी अपने टिफिन ले आते थे। भोजन के दौरान किसी एक विषय पर संवाद होता और अगले दिन सुबह फिर उस पर काम होता। यही होता है संगठन का असली काम। आपसी संवाद के बाद मथकर बाहर आई चीजों पर काम करें। मोदी ने पदाधिकारियों को टास्क दिया कि अगस्त से टिफिन पर चर्चा का कार्यक्रम शुरू हो जाना चाहिए। समाज के हर वर्ग से ‘टिफिन संवाद’ हो। झाड़ू लगाने वाले से लेकर दातुन बेचने वाले तक हमारे संगठन में शामिल होने चाहिए।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मैं भी पीएम की कुर्सी तक पहुंचा तो कठिन संघर्ष करके। स्पष्ट रूप से कहा कि अभी आप लोगों से सरकार की योजनाएं गिनाने को कहूंगा तो अटक जाएंगे। जनता के बीच हवा में बात करने बजाय विषय विशेषज्ञ बनिए। समूह बनाकर कार्यकर्ता आपस में सरकार के पक्ष और विपक्ष में संवाद करें और उस संवाद से निकले निहितार्थ से संगठन को अवगत कराएं ताकि सुधार किया जा सके। आपसी संवाद से ही कमी का पता चलता है। समय प्रबंधन के साथ ही बेहतर स्वास्थ्य भी बेहद जरूरी है।



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