उत्तर प्रदेश फर्जी मंत्री मामला : अम्मार ने खोले कई फर्जी मंत्रियों के नाम

उत्तर प्रदेश फर्जी मंत्री

उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार में फर्जी मंत्री बन कर सुर्खियाँ बंटोरने वाले कुंवर अम्मार ने आज अपने निवास शेखपुरा कदीम जनपद सहारनपुर में प्रेसवार्ता कर इसका खुलासा कर दिया है अम्मार ने मीडिया को बताया की उसकी पहली मुलाकात मेरठ में 4 मई 2018 को मौलाना ह्मिद्दुल्लाह जोकि डायरेक्टर है खादी ग्राम उद्योग एवं वस्तु आपूर्ति विभाग संघ उत्तर प्रदेश सरकार में अम्मार के कहे अनुसार मौलाना ह्मिद्दुल्लाह ने खुद को r.s.s. में राष्ट्रीय मुस्लिम मंच का प्रांतीय सचिव भी बताया हुआ था,


इस मुलाकात में मौलाना ह्मिद्दुल्लाह ने अम्मार को मंत्री बनने व् दो सुरक्षा कर्मी भी देने के लिए 15 लाख रुपए में डायरेक्टर बनाने के लिए पार्टी फंड के नाम पर डिमांड की थी और वहीं मौलाना ह्मिद्दुल्लाह ने अम्मार से फोटो आईडी और आधार कार्ड पैन कार्ड भी लिया था




दूसरी दूसरी मीटिंग 9 मई 2018 को होटल रीडा लखनऊ में हुई थी जहां मौलाना ह्मिद्दुल्लाह ने अमर की मुलाकात योगेंद्र नारायण पांडे से करवाई थी जो खुद को प्रदेश सरकार में दर्जा प्राप्त मंत्री बताता है. अम्मार ने बताया कि योगेंद्र नारायण पांडे ने भी 15 लाख रूपये का ऑफर रखा था. लेकिन अम्मार ने 15 लाख रुपए देने में असमर्थता जताई तो 11 लाख में वहां डील फाइनल हो गई थी, जिसमें 8 लाख पहले देने का एंव बाकी के पैसे बाद में देने का वादा हुआ था। 8 लाख रुपए

योगेंद्र नारायण पाण्डेय ने यह क्या कर मांगे कि 6 लाख रूपये भाजपा पार्टी फंड में जमा होंगे और 2 लाख गनर की सिक्योरिटी के लिए गृह मंत्रालय विभाग के नाम पर देने होंगे जिसकी रसीद भी तुम्हें दे दी जाएगी. अम्मार ने कहा की वह उनके झांसे में आ गया और उसने अपने सभी डॉक्यूमेंट मौलाना ह्मिद्दुल्लाह की मौजूदगी में योगेंद्र नारायण पांडे को दे दिए, जहां योगेंद्र नारायण पांडे व मौलाना ह्मिद्दुल्लाह ने अम्मार का बायोडाटा भी तैयार करवाया और उससे हस्ताक्षर भी करवाएं.




तीसरी मुलाकात दिल्ली में यूपी भवन के अंदर 13 मई 2018 को हुई मीटिंग में अम्मार ने एक लाख रूपये दिए जिस पर अम्मार ने भाजपा पार्टी फंड की रसीद मांगी तो योगेंद्र नारायण पांडे ने कहा कि इस विभाग का मैं खुद चेयरमैन हूं तो तुम मेरे पर्सनल अकाउंट पर बाकी की रकम डाल देना बाद में आपको पार्टी फंड में योगदान की एक रसीद और खादी ग्राम उद्योग एवं वस्तु आपूर्ति विपणन संघ के पद का डायरेक्टर बनाने के बाद मिल जाएगी और अपने मोबाइल नम्बर से अपने बैंक की डिटेल्स अम्मार के मोबाइल पर भेज दी और कहा कि डीटेल्स मैंने भेज दी है बाकी की रकम उस खाते में लगा देना.



अब शुरू होता है मंत्री बनाने का लेनदेन
पहला डिपॉजिट 15 मई 2018 में दो लाख रुपयों की रकम योगेंद्र नारायण पांडे के पंजाब नेशनल बैंक खाते में डाली गई
दूसरा डिपॉजिट 17 मई 2018 में 50 हजार की रकम डाली गई. उसके बाद 24 मई 2018 में योगेंद्र नारायण पांडे ने फोन कर कहा कि जिस गाड़ी का सचिवालय पास बनेगा उस गाड़ी की आरसी की कॉपी मेरे नंबर पर व्हाट्सएप कर दो जिसमें अम्मार ने अपने नंबर से योगेंद्र नारायण के नंबर पर भेज दी

चौथी मुलाकात कैराना उपचुनाव के समय दिल्ली के यूपी भवन में हुई उस वक्त मौलाना ह्मिद्दुल्लाह व् योगेंद्र नारायण पांडे यूपी भवन में मौजूद थे

जहां उन्होंने सचिवालय का प्रवेश पत्र अपने मोबाइल में को दिखाया और कहा कि तुम्हारे कागजात तैयार हो गए हैं मगर तुम्हारे यहां चुनाव आचार संहिता लगी हुई है जिस कारण अभी तुम्हारी घोषणा नहीं हो सकती चुनाव आचार संहिता समाप्त होने के बाद तुम्हारी घोषणा कर दी जाएगी और सभी कागजात दे दिए जाएंगे उसके बाद योगेंद्र ने बाकी पैसों के लिए कहा जिस पर अम्मार ने जल्दी खाते में लगाने की बात कही

तीसरा डिपॉजिट 7 जून 2018 को एक लाख योगिंदर नारायण पांडे के पंजाब नेशनल बैंक खाते में डाले गए

चौथी डिपॉजिट 8 जून 2018 में 50000 की RTGS योगेंद्र योगेंद्र नारायण के खाते में हुई।

इन सबके अम्मार ने सबूत के साथ सभी कागजात मीडिया को दिए है जिससे अम्मार ने फर्जी मंत्री बनाने के इस मामले को खोलने का काम किया लेकिन इसके बाद लगातार अम्मार के पिता व् परिवार को उसको मारने की धमकियां मिल रही है आप भी सुनिए क्या बोले अम्मार

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