उज्जैनः विधानसभा चुनाव के मद्देनजर हथियारो का लाइसेंस सस्पेंड।

उज्जैनः विधानसभा चुनाव के मद्देनजर हथियारो का लाइसेंस सस्पेंड।

रिपोर्ट फराह अंसारी
उज्जैनः मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव की आहट के चलते पुलिस प्रशासन ने सख्ती शुरु कर दी है। इसकी ताजा मिसाल उज्जैन शहर में देखने को मिली, जहां एक साथ दो सौ से ज़्यादा लोगों के हथियारों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं।



उज्जैन के कलेक्टर मनीष सिंह ने शांति और सुरक्षा की दृष्टि से जिले के 243 शस्त्र लाइसेंस को निलंबित कर दिया है। लेकिन सिर्फ शस्त्र लाइसेंस निलंबित करना ही ख़बर नहीं, इसमें खास बात है कि जिनके हथियारों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, उनमें बीजेपी और कांग्रेस के कई नेता और जनप्रतिनिधि भी शामिल हैं।

हथियारों के लाइसेंस को लेकर उज्जैन जिले में पहली बार इतनी बड़ी कार्रवाई हुई है। जिले में उन 243 लाइसेंसधारियों के शस्त्र लाइसेंस निलंबित किए हैं, जिन पर पहले से ही आपराधिक मामले दर्ज हैं।

कलेक्टर मनीष सिंह ने फरमान जारी किया है कि जिन लोगों के लाइसेंस निलंबित हुए हैं, वे अगले 3 दिनों के अंदर अपने हथियार संबंधित पुलिस थानों में जमा करवाएं नहीं तो उनके लाइसेंस कैंसल करने की कार्रवाई शुरु कर दी जाएगी।




कलेक्टर की इस कार्रवाई की चर्चा पूरे सूबे में हो रही है। जिन लोगों के हथियारों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, उनमें कांग्रेस की पूर्व विधायक कल्पना परुलेकर, बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसौदिया, कांग्रेस नेता अनंत नारायण मीणा जैसे नेताओं के अलावा और कई प्रभावशाली लोगों के नाम शामिल हैं।

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