भारतीय राजनीति में कई महिलाओं ने अपनी दमदार जगह बना ली है। देश की राजनीति के इतिहास पर नजर डालें तो सरोजिनी नायडू, इंदिरा गांधी, सुचेता कृपलानी से लेकर सुषमा स्वराज, प्रतिभा पाटिल, ममता बनर्जी, मायावती और प्रियंका गांधी समेत तमाम महिलाओं के नाम लोगों के जुबान पर रहते हैं। कई महिला राजनेता तो दूसरे क्षेत्रों से राजनीति में आई हैं, जैसे स्मृति ईरानी, नुसरत जहां, जया प्रदा और हेमा मालिनी आदि अभिनेत्रियां हैं लेकिन उन्होंने जनता का समर्थन प्राप्त किया और अब समाज सुधारने के काम में जुट गईं। इन्हीं महिला राजनेताओं में एक नाम है जयललिता का। अभिनय से राजनीति में आने वाली जयललिता तमिलनाडु की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। उन्हें आम जनता का इतना प्यार मिला कि वह तमिलनाडु के लोग उन्हें ‘अम्मा’ यानी मां कहकर पुकारने लगे। ये किसी राजनेता के लिए उपलब्धि ही है। एक अभिनेत्री राज्य की मुख्यमंत्री की कुर्सी तक कैसे पहुंच गई। फिल्मों में काम कर दर्शकों का मनोरंजन करने वाली जयललिता के ‘अम्मा’ बनने तक का सफर और कहानी जान लीजिए। आज तमिलनाडु की अम्मा यानी जयललिता का जन्मदिन है। 24 फरवरी 1948 को जन्मी जयललिता के बारे में रोचक बातें जानिए।

जयललिता का जन्म और बचपन

मैसूर जो अब कर्नाटक का हिस्सा है, वहां के मांड्या जिले के पांडवपुरा तालुक के मेलुरकोट गांव में जयललिता का जन्म 24 फरवरी 1948 को एक अय्यर परिवार में हुआ था। जयललिता का असली नाम ‘कोमावल्ली’ था। उनके पिता का नाम जयराम था जो पेशे से वकील थे और मां का नाम वेदवल्ली था। जयललिता की मां वेदवल्ली दक्षिण भारतीय सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री थीं। लेकिन जयललिता का फिल्मों में बिल्कुल रुचि नहीं थी। वह कभी भी अभिनेत्री नहीं बनना चाहती थीं। उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में जबरदस्ती लाया गया।

जयललिता का फिल्मी करियर

जयललिता पढ़ाई में बहुत होनहार थीं। वह अपने पिता की तरह ही वकील बनना चाहती थीं लेकिन उनकी मां ने कम उम्र में ही जबरन जयललिता को एक्टिंग की दुनिया में डाल दिया। महज 15 साल की उम्र में जयललिता ने एक एडल्ट फिल्म में काम किया। यहां से उनके फिल्मी करियर की शुरुआत हुई। कई फिल्मों में उन्होंने शानदार काम किया। जयललिता ने अपने करियर में 85 फिल्में की, जिसमें से 80 फिल्में हिट साबित हुईं। फिल्म में स्लीवलेस ब्लाउज पहनने वाली वह पहली अभिनेत्री रहीं। अपने करियर में उनका नाम सुपरस्टार शोभन बाबू से जुड़ा। दोनों का अफेयर चर्चा में रहा लेकिन शादी न हो सकी।

जयललिता का राजनीतिक सफर

अभिनेत्री जयललिता का फिल्मों से राजनीति में लाने वाले एमजी रामचंद्रन थे। कहा जाता है कि एमजीआर और जयललिता एक दूसरे से प्यार करते थे लेकिन उन्होंने न तो शादी की और न ही अपने रिश्ते को जाहिर किया। एमजी रामचंद्रन के साथ जयललिता 1982 में ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (अन्ना द्रमुक) की सदस्य बन गईं। यहां से उनके राजनीतिक करियर की शुरुआत हुई। साल 1984 से 1989 तक जयललिता तमिलनाडु से राज्यसभा की सदस्य भी रहीं। एमजीआर के निधन के बाद एआईएडीएमके पार्टी की जिम्मेदारी जयललिता पर आ गईं। बाद में वह तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनीं।

जयललिता की उपलब्धियां

तमिलनाडु में जयललिता की लोकप्रियता बढ़ने लगी, एक अभिनेत्री के तौर पर नहीं, बल्कि नेता, सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर। यह उनकी राजनीतिक जीत थी कि वह 6 बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनीं। उन्होंने कन्या भ्रूण हत्या की समस्या से निपटने के लिए ‘क्रैडल टू बेबी स्कीम’ शुरू की। ‘अम्मा ब्रांड’ की शुरुआत की, जिसमें लगभग 18 लोक कल्याणकारी योजनाएं चलाई गईं। अम्मा के नाम से चलाई जा रहीं ये योजनाएं या तो पूरी तरह मुफ्त थीं, या फिर उनपर भारी सब्सिडी दी जाती थी। एक रुपये में शहरी गरीबों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए अम्मा कैंटीन चलाई गईं। 68 साल की उम्र में 5 दिसंबर 2016 को जयललिता ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया

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