नई दिल्ली: यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर, राजधानी पर बाढ़ का खतरा।

नई दिल्ली: यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर, राजधानी पर बाढ़ का खतरा।

फराह अंसारी
यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर जाने के साथ ही राजधानी पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। जानकारी के मुताबिक दोपहर तक दिल्ली के कई निचले इलाके जलमग्न हो सकते हैं। खतरे को देखते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को मुख्य सचिव अंशु प्रकाश सहित अपनी सरकार के आला अधिकारियों के साथ आपात बैठक की।




दिल्ली आने से पहले हथिनी कुंड बैराज के पानी ने हरियाणा के यमुना नगर में तबाही मचा दी है। निचले इलाके में बसे गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। जिस वजह से लोग दहशत में आ गए और शनिवार की रात सभी ने छत पर गुजारी।

अधिकारियों ने बताया कि शनिवार शाम 7 बजे जल स्तर 205.30 मीटर पर पहुंच गया था, जो बढ़कर रविवार सुबह 205.5 मीटर पहुंच गया। इसमें और बढ़ोतरी होने की आशंका है।हथिनी कुंड बैराज से शनिवार शाम 6 बजे 6 लाख 5 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जिसके दिल्ली पहुंचने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। यमुना के निचले इलाके वजीराबाद, सोनिया विहार, शास्त्री पार्त, गांधी नगर, ओखला समेत कई इलाकों पर बाढ़ का साया मंडरा रहा है।हरियाणा से छोड़े गए पानी के कारण दोपहर बाद यमुना विकराल रूप धारण कर सकती है। इस बीच रविवार सुबह 6 बजे 2 लाख 53 हज़ार क्यूसेक पानी फिर हथिनी कुंड बैराज से छोड़ा गया है ये पानी 31 जुलाई तक दिल्ली पहुंचेगा।

यमुना में जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में हो रही खेती बर्बाद हो गई है। फसल तबाह हो गई है, घरों में पानी घुस गया है, जिसके कारण निचले इलाके के लोगों को छतों पर चढ़कर रात गुजारने को मजबूर होना पड़ा। इधर, सीएम के साथ हुई आपात बैठक के बाद अधिकारियों ने निचले इलाकों से लोगों को निकालकर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम शुरू कर दिया है। केजरीवाल ने कहा कि सारे विभागों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।



मुख्यमंत्री ने शनिवार को ट्वीट किया, ‘हरियाणा ने 5 लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा है। हालात पर चर्चा के लिए आपात बैठक बुलाई। यह पानी कल शाम तक दिल्ली पहुंचने की संभावना है। प्रशासन जहां से भी लोगों को निकालकर ले जा रहा है, वहां पर उनसे सहयोग करने को कहा जा रहा है। सारे विभाग हाई अलर्ट पर हैं। बाढ़ से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति के लिए नियंत्रण कक्ष का नंबर 1077 है।’

Facebook Comments

मामले (भारत)

67152

मरीज ठीक हुए

20917

मौतें

2206

मामले (दुनिया)

3,917,999