नई दिल्ली: करतारपुर कॉरीडोर पर सिद्धू और बीजेपी आमने-सामने।

नई दिल्ली: करतारपुर कॉरीडोर पर सिद्धू और बीजेपी आमने-सामने।

रिपोर्ट फराह अंसारी
नई दिल्ली: करतारपुर साहिब कॉरिडोर को लेकर पंजाब में राजनीति तेज है। कल भारत सरकार ने कहा था कि करतारपुर साहिब कॉरिडोर पर पाकिस्तान की ओर से कोई प्रस्ताव नहीं मिला था। जिसके बाद आज पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि कल उन्होंने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात की। सिद्धू ने कहा कि सुषमा स्वराज ने भरोसा दिलाया है कि उनकी सरकार पाकिस्तान को चिट्ठी लिखेगी और इसके लिए ड्राफ्ट तैयार हो रहा है।




इसके जवाब में मोदी सरकार में मंत्री और अकाली नेता हरसिमरत कौर ने सिद्धू पर देश की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगा दिया। दरअसल पिछले महीने सिद्ध इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में गए थे जहां पाकिस्तानी सेना प्रमुख बाजवा को गले लगाया था। जिसकी सफाई में सिद्धू ने कहा था कि बाजवा ने करतारपुर साहिब कॉरिडोर खोलने की बात कही थी जिसके कारण उन्होंने बाजवा को गले लगाया था।

नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा, ”1947 से लेकर अबतक 70 साल में सिख अपने मक्का नहीं जा सके। हमें इसके लिए मनाही है, हर रात हर सिख अरदास करता है कि उनके खुले दीदार हो सकें। बाबा नानकदेव ने आखिरी के 18 साल करतारपुर में गुजारे, खेती की, कीर्तन करना सिखाया। वहां के हर एक जर्रे के साथ उनकी याद जुड़ी हुई है। हर भारतीय करतारपुर जाना चाहते है।”

नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा, ”भारत सरकार का फर्ज बनता है कि 10 करोड़ नान का नाम लेने वाले भक्तों के लिए करतारपुर साहब के कॉरीडोर रूम खोलने के लिए रिक्वेस्ट भेजें। विदेश मंत्री ने कहा कि मैं ड्राफ्ट बनवा रही हूं और मैं चिट्ठी लिखूंगी। मुझे भारत सरकार बहुत से सकारात्मक व्यवहार की उम्मीद है। अगर यहां से रिक्वेस्ट जाती है और वहां से उस पर अलम होता है तो यह खबरों लोगों के भले का काम होगा।”

केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर ने कहा, ”कांग्रेस मंत्री ने जब इमरान खान के शपथ ग्रहण में जाने का फैसला लिया तो देशवासियों को इससे बहुत बड़ा धक्का लगा। सिद्धू के साथ साथ कई दूसरे क्रिकेटरों को भी न्योता मिला लेकिन उन सब छोड़कर कांग्रेस मंत्री अपने दुश्मन देश की दोस्ती निभाने सरहद पार चले गए।”

उन्होंने कहा, ”इससे देशवासियों में नाराजगी थी लेकिन ये पता था कि अपने व्यक्तिगत क्षमता के तहत जा रहे हैं। इसी के चलते उन्हें क्लीयरेंस भी मिल गई। लेकिन सभी को हैरानी तब हुई शपथ ग्रहण समारोह में उनका परिचय पाकिस्तानी जनरल से हुआ तो उन्होंने एक सेकेंड में उसे गले लगा लिया। इसने देशवासियों की भावनाओं के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया।”

हरसिमरत कौर ने कहा, ”जब इसका रोष प्रकट हुआ और उनके खिलाफ विरोध हुआ। उनकी वापसी पर काले झंडों से उनका स्वागत हुआ। इससे बड़ी गद्दारी देश के साथ कौन कर सकता है। लेकिन इसके बावजूद एक उन्होंने देश से माफी मांगने के बजाए भावनाओं से खिलवाड़ किया। जाते समय उन्होंने कभी इसकी चर्चा की, वहां प्रधानमंत्री का शपथग्रहण नहीं हुआ, कोई फैसला नहीं हुआ लेकिन उन्होंने कहा कि मैं आर्मी जनरल से इसलिए गले मिला क्योंकि उसने करतापुर कॉरीडोर खोलने की बात कही।”

हरसिमरत कौर ने कहा, ”सालों से सिखों की मांग है कि ये कॉरीडोर खोला जाए। आजतक किसी पंजाब की सरकार ने इस मामले में अपना हाथ नहीं डाला। इन्होंने जब करतारपुर साहब की बात तो सब खुशी में ये भूल गए कि ये दुश्मन देश गए। जैसे जैसे समय निकल गया और पाकिस्तान की ओर कोई काजग नहीं आया, इन्होंने सारी बातें हवा में की। कोई कागजी कार्यवाही नहीं, सिर्फ बयान पर बयान दिए जा रहे।”

सिखों के पवित्र करतारपुर साहिब गुरुद्वारा के लिए रास्ता खुलवाने के लिए जल्द कार्रवाई का आग्रह लेकर पंजाब के पर्यटन मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू दिल्ली पहुंचे। सिद्धू ने पूर्व खेल मंत्री एमएस गिल के साथ विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात की। इस मुलाकात में सिद्धू को इस मुद्दे पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के तीखे सवालों का सामना करना पड़ा।



इतना ही नहीं, बीते महीने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के शपथ-ग्रहण समारोह में शिरकत के लिए मिली राजनीतिक मंजूरी के सियासी इस्तेमाल को लेकर सिद्धू को विदेश मंत्री की नाराजगी भी झेलनी पड़ी। मामले पर केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर ने तो ट्वीट कर यहां तक कहा कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सिद्धू को पाकिस्तानी सेनाध्यक्ष को गले लगाने के मामले पर झिड़का है।

Facebook Comments