मुरादाबाद: मां-बाप ने घर के आंगन में ज़िंदा दफना दी मासूम बेटी।

मुरादाबाद: मां-बाप ने घर के आंगन में ज़िंदा दफना दी मासूम बेटी।

रिपोर्ट फराह अंसारी
मुरादाबाद:उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक बच्ची को कत्ल कर दिए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां एक माता-पिता ने खुद अपनी 7 साल की मासूम बेटी को घर के आंगन में जिंदा दफन कर दिया। मामला उजागर होने के बाद पुलिस ने आरोपी दंपति को गिरफ्तार कर लिया गया है।



मामला मुरादाबाद के थाना मझोला क्षेत्र का है। जहां मासूम बच्ची को घर में ही जिंदा दफन कर दिया गया। घटना के दिन परिजन बच्ची की मौत बीमारी के चलते बता रहे थे। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से हुई, मौत की बात सामने आने के बाद सारी सच्चाई भी सामने आ गयी है और मृतक बच्ची के माँ बाप को गिरफ्तार कर लिया गया है।

पुलिस के मुताबिक मुरादाबाद के चौधरपुर गांव से बीती 4 अगस्त को थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि गांव में ही परिजनों द्वारा एक बच्ची को मारकर अपने ही घर के आंगन में दफना दिया गया है। मौके पर पहुंची पुलिस ने आनंदपाल के घर के आंगन में बने एक गड्ढे को जब खुदवाया गया तो प्लाटिक के एक थैले में बच्ची तारा का शव मिला। जिसे पुलिस ने क्ब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया था।

पुलिस को यह जानकारी मिली की आनन्द पाल ने बंगाल जाकर मोनी से शादी की थी और मोनी के पहले से ही 4 बच्चे थे। जिन्हें वो अपने साथ ही यहां ले आया था। शुरूआती पूछताछ में मां, मोनी और परिजनों ने बच्ची की सूखा बीमारी से मौत हो जाने की बात कही थी।लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि बच्ची की मौत दम घुटने से हुई है।

पुलिस ने परिजनों पर शिकंजा कसते हुए पूछताछ की तो बच्ची के बीमार हो जाने की वजह से उसे घर में ही ज़िंदा दफनाने का राज खुल गया। बच्ची की मां मोनी और पिता आनदं पाल ने पुलिस के सामने सारा राज खोल दिया है। फिलहाल दोनों आरोपी माता-पिता को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

पुलिस के मुताबिक 3-4 महीने पहले भी इनके एक बच्चे की मौत बीमारी से हो चुकी है। उधर, इलाके में ये भी चर्चा है कि आरोपी मां-बाप बच्चों को कमरे में बन्द करके घर से बाहर चले जाया करते थे।

एएसपी अपर्णा गुप्ता ने बताया कि चार अगस्त को थाना मझोला के चौधरपुर में एक बच्ची को जिंदा दफनाने की सूचना आई थी। उसमें कार्रवाई करते हुए 2 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। एसपी ने बताया कि बच्ची को ज़िंदा दफन कर दिया गया था। उसके माता-पिता ने पूछताछ में बताया कि ऐसा किसी तांत्रिक के कहने पर किए जाने की बात भी सामने आई है। लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो सकी।



बच्ची काफी दिनों से बीमार चल रही थी। उसका एक दो दिन इलाज भी कराया गया। लेकिन बारिश में भीगने की वजह से उसे बुखार आ गया था, लेकिन उसके माता-पिता ने यही बेहतर समझा कि उसको दफन करके खत्म कर दिया जाये। और इसी बात के चलते उन्होंने उसे घर में ही जिंदा दफन कर दिया।

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