लखनऊ: राजभवन और सीएम आवास से 500 मीटर दूर हत्या-लूट की वारदात।

लखनऊ: राजभवन और सीएम आवास से 500 मीटर दूर हत्या-लूट की वारदात।

फराह अंसारी
लखनऊ:जिस कानून और व्यवस्था को लेकर योगी सरकार अपनी पीठ थपथपाती नहीं थकती, वही कानून व्यवस्था सोमवार शाम उस समय तार-तार होती नजर आई जब राज भवन के नजदीक कैश वैन में पैसा ले जा रहे एक शख्स को सरेआम अपराधियों ने गोली मार दी। हत्या के बाद बदमाश पैसे की थैली लूटकर चलते बने। लखनऊ के सबसे पॉश इलाके राजभवन और विधानसभा के पास हुई सरेआम हत्या और लूट ने योगी सरकार की नींद उड़ा दी है।




लूट और मर्डर का सनसनीखेज वाकया तब हुआ जब एक बाइक सवार ने दिनदहाड़े बैंक के सामने खड़ी कैश वैन मैं बैठे गार्ड को गोली मारकर हत्या कर दी। साथ ही गार्ड के साथ मौजूद कस्टोडियन पर भी गोली चला दी और नोटों से भरा बैग लेकर फरार हो गया। बैग में लगभग 6 लाख 30 हजार रूपए मौजूद थे। मौके पर पहुंची भीड़ और पुलिस ने दोनों को अस्पताल पहुंचाया जहां गार्ड की मौत हो गई। घटना इतने वीवीआईपी एरिया में हुई जहां एक तरफ राजभवन और लगभग 500 मीटर की दूरी पर मुख्यमंत्री का आवास मौजूद था। मौके पर पहुंची पुलिस CCTV फुटेज की मदद से आरोपी को तलाश कर रही है।

लखनऊ के सबसे वीवीआईपी रोड राजभवन के पास एक्सिस बैंक के सामने सर्विस लेन में एसआईपीएल कम्पनी की कैश वैन खड़ी थी। कैश वैन के अन्दर सुरक्षा गार्ड इन्द्र मोहन कैश का बैग हाथ में लेकर बैठे थे। तभी मोटर साइकिल सवार एक बदमाश आया और उसने कैश वैन के दरवाज़े के शीशे पर दस्तक दी और गेट खोलने को कहा तो इन्द्र मोहन ने शीशा खोला। तभी बदमाश ने इन्द्र मोहन को गोली मार दी और उनके हाथ से कैश बैग छीन लिया। गोली की आवाज सुनकर पास में खड़ा कस्टोडियन उमेश वहां पहुंचा तो बदमाश ने उसके भी पैर पर गोली मार दी और कैश का बैग लूटकर फरार हो गया।

गोली की आवाज़ सुनकर कुछ लोग जमा हुए तो दो लोगों को लहूलुहान पड़ा देख पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया जहां गार्ड इन्द्र मोहन को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि उमेश का इलाज चल रहा है। घटना के बाद कैश वैन के चालक राम सेवक से पुलिस घटना के संबंध में पूछताछ कर रही है।



इस वारदात के बाद यूपी पुलिस के होश उड़ गए, क्योंकि यह घटना उत्तर प्रदेश के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में हुई थी। पुलिस के हाथ-पांव फूलने का अंदाजा इसी से लगाइए कि इस घटना के तुरंत बाद डीजीपी भी मौका-ए-वारदात पर पहुंचे और खुद जांच का जिम्मा संभाला।

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