केरल: 400 लोगों की मौत के बाद आखिरकार बारिश थमी,10 लाख लोग अब भी राहत शिविर में।

केरल: 400 लोगों की मौत के बाद आखिरकार बारिश थमी,10 लाख लोग अब भी राहत शिविर में।

रिपोर्ट फराह अंसारी
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केरल: केरल में बारिश थमने से आखिरकार लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली, मगर इससे पहले भारी बारिश के कारण आई बाढ़ से मची त्रासदी ने लाखों लोगों को बेघर कर दिया और सैकड़ों की जानें ले लीं। सूबे में बाढ़ की विभीषिका के कारण करीब 10 लाख लोगों को राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है। बाढ़ पीड़ितों के लिए 5,645 राहत शिविर बनाए गए हैं। बाढ़ की त्रासदी ने करीब 400 जिंदगियां लील लीं।



केरल बाढ़ के ताजा हालात पर केंद्रीय मंत्री केजे अल्फोंस ने कहा कि करीब करीब 10 लाख लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। सभी जिले के जिलाधिकारी राहत साम्रगी पहुंचाने और दूसरे विभागों से तालमेल बैठाने में जुटे हुए हैं। केंद्र की तरफ से अद्भुत सेवा पहुंचाई गई है। इस त्रास्दी के सबसे बड़े हीरो मछुआरे हैं। अपने 600 नाव के जरिए ये मछुआरे लोगों को बचाने के काम में जुटे हुए हैं।

दूसरी तरफ पड़ोसी राज्य कर्नाटक का कोडागु जिला भी बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित है। कोडागु जिले में करीब 3,500 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। सरकार ने रविवार को कहा कि लगातार बारिश से राहत कार्यो में बाधा आ रही है। कर्नाटक के सीएम मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने कहा, “सेना, नौसेना और अन्य राज्य व केंद्रीय एजेंसियों ने अभी तक 3,500 से ज्यादा लोगों को बचाया है।” इस बाढ़ग्रस्त पहाड़ी जिले में सैकड़ों लोग फंसे हुए हैं।

मौसम विभाग ने कहा कि अच्छी खबर यह है कि पिछले दो दिनों में केरल में बारिश की तीव्रता कम हुई है। इसने कहा कि राज्य में अगले चार दिनों तक भारी बारिश का अनुमान नहीं है।




मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने मीडिया से बातचीत में कहा, “हमारी सबसे बड़ी चिंता लोगों की जान बचाने की थी। लगता है कि इस दिशा में काम हुआ।” केरल में आखिरकार बाढ़ के सबसे विनाशकारी दौर समाप्त होने के संकेत मिले और कई शहरों और गांवों में जलस्तर में कमी आई। मुख्यमंत्री ने कहा, “शायद यह अब तक की सबसे बड़ी त्रासदी है, जिससे भारी तबाही मची है। इसलिए हम सभी प्रकार की मदद स्वीकार करेंगे।” उन्होंने बताया कि 1924 के बाद प्रदेश में बाढ़ की ऐसी त्रासदी नहीं आई।

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