50 वर्ष की आयु पार वाले सरकारी कर्मचारियों को रिटायर करने की तैयारी में उत्तर प्रदेश सरकार।

फराह अंसारी
लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार ने सही तरीके से कार्य न करने वाले 50 साल और उससे अधिक आयु के सरकारी कर्मचारियों को ‘अनिवार्य सेवानिवृत्ति‘ देने के लिये स्क्रीनिंग करने के आर्डर दिये हैं कर्मचारी संगठनों ने पिछली छह जुलाई को जारी इस शासनादेश का विरोध किया है।

अपर मुख्य सचिव मुकुल सिंह के एक आदेश में कहा गया है, अनिवार्य रिटायरमेंट के लिए सभी विभागाध्यक्ष 50 साल या उससे ऊपर की आयु के सभी कर्मचारियों की स्क्रीनिंग 31 जुलाई 2018 तक पूरी करें। 50 साल की उम्र की गणना 31 मार्च 2018 तक की जाएगी। इसका मतलब है कि 50 साल की उम्र पार कर चुके लोग स्क्रीनिंग में शामिल होंगे।

इस निर्णय को लेकर यूपी सरकार के कर्मचारी नाराज़ हैं। यूपी सचिवालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष यादवेंद्र मिश्रा ने कहा,ऐसे निर्णय सिर्फ सरकारी कर्मचारियों को परेशान करने के इरादे से लिए गए हैं।यादवेंद्र मिश्रा ने यह भी कहा कि इन चीजों को सहन नहीं किया जाएगा और इसको लेकर सोमवार को मीटिंग की जाएगी और आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर यूपी सरकार इस फैसले पर बरकरार रहती है तो उनका संगठन कर्मचारियों के लिए हड़ताल करेगा।

राज्य में वर्किंग कल्चर को सुधारने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने पहले ही कहा है कि काम न करने वाले और भ्रष्ट अधिकारी और कर्मचारी सरकार के ऊपर बोझ न बनें। इससे पहले पिछले साल ही योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इसी तरह 50 साल की आयु पार कर चुके आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की भी स्क्रीनिंग की जा चुकी है।

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