बारिश न होने पर यूपी सूखे व मौसम की मार से किसान बदहाल

रिपोर्ट फराह अंसारी
आधा अषाढ़ गुज़र चुका है और खेतों में खाकउड़ रही है। सूखे की आशंका बढ़ गई है। कृषि कैलेंडर के हिसाब से 10 जुलाई तक धान की रोपाई पूरी हो जानी चाहिए लेकिन 20 फीसदी रोपाई भी अब तक नहीं हो सकी है। प्रदेश में खेती की यह मंज़र चिन्तित करने वाली है क्योंकि अगर अब भी बरसात नहीं हुई तो खरीफ का उत्पादन बुरी तरह से प्रभावित हो जाएगा।

मौसम की मार से बदहाल हो रहे किसानों की समस्याओं लेकर सोमवार को भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में किसानों ने कलेक्टेरट में हंगामी प्रदर्शन किया।

किसानो ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपकर मांग उठाई है कि किसानों की कर्ज माफी से लेकर बेकार पड़ी भूमि का समतलीकरण कराया जाए और दस वर्ष से पुराने वाहनों के संबंध में एनजीटी के आदेश को ट्रैक्टरों और कृषि यंत्रों पर लागू न किया जाए।

बिजली की दरों को वापस लेकर सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली और प्रिरंकलर सेटों का वितरण हो साथ ही आत्महत्या करने वाले किसानों के परिजनों को सरकारी नौकरी दी जाए। प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन में मांग की गई कि खरीफ के एमएसपी को बढ़ाने में जिस फार्मूले का इस्तेमाल किया गया उससे किसान संतुष्ठ नहीं है। अगर किसानों की समस्याओं का समाधान न किया गया तो आंदोलन विकराल रूप धारण करेगा।

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