हेल्थ: दालचीनी के फायदे आपको हैरत में दाल देंगे।

रिपोर्ट फराह अंसारी
दालचीनी यानी cinnamon हमारी रसोई में पाये जाने वाली सेर्वश्रेस्ठ मसाला में से एक है जिसकी थोड़ी सी मात्र से हमारे खाना का टैस्ट एवं सुगंधित और भी अच्छा हो जाता है। इसका प्रयोग हम गर्ममसला बनाने में भी करते है। पर क्या आप जानते है दालचीनी रसोई तक ही नहीं बल्कि इसका उपयोग हमारे शरीर की बहुत सी बीमारियो से छुटकारा पाने के लिए भी किया जाता है। जैसे की पेट दर्द, मनशिक क्षमता, अपच, वजन बढ़ना एवं मधुमेह आदि में दालचीनी का उपयोग कर सकते है। इसे का लोग चाय में या काफी में भी प्रयोग करते है। ये श्रीलंका एवं भारत में बहुत पाया जाता है। इसकी छाल को जिसे हम cinnamon stick कहते है दवाइयो एवं ओषधीय के रूप में हम करते है। पहले दालचीनी काफी महंगी मिला करती थी। बाज़ार में के स्टिक या पाउडर मिलता है।






दालचीनी के फायदे:-
दालचीनी के सेवन से मधुमेह को नियंत्रित किया जा सकता है। खासकर टाइप २ मधुमेह के रोगी के लिए ये फायदेमंद है। शोधो से भी पता चला की अगर हम दालचीनी का प्रयोग करते है तो रक्त शर्करा का स्तर काफी होता होता है और साथ ही ग्लूकोस का लेवेल कम होने लगता है। इसलीये हमे दालचीनी का प्रयोग खाने में एक चम्मच रोज करना चाहिए जिससे मधुमेह के रोगी का रोग कम होने लगता है। ये भूख को ठीक कर खाना पचाने में मदद करती है जिससे हाइपोथलमस हॉरमोन ठीक होने लगता है। जिससे डाईबीटीज के दुष्प्रभावो को खतरा कम होगा।

दालचीनी में खास प्रकार की प्रोटीन अच्छे मात्रा में होता है जो की का सेवन करने से मानशिक तनाव दूर किया जा सकता है। बस इसके लिए हमे रोज दालचीनी एक चुटकी लेनी है रात में सोते समय। इससे फायदा जरूर मिलता है साथ ही इसे सूंघने से भी काफी फाइदा मिलता है। इसके रोज सेवन हमारी स्मरण शक्ति भी अच्छी होने लगती है।इतना ही नहीं एक शोध से ये भी पता चला है की अल्जाइमर के रोगी को रोज अगर दालचीनी का जूस दिया जाता है तो मस्तिष्क को संदेश पौंचाने वाले सिस्टम सही तरीके से काम करने लगता है।अगर कोई बच्चा परीक्षा की चिंता और घबराहट से परेशान होते है उन्हे दालचीनी की चाय पिलाने से उनका दिमाग शांत और एकाग्रता बढ्ने लगती है।

बुढ़ापे में त्वचा में झुरिया बढ़ जाति है और त्वचा दिली पड़ने लगती है। इसलिए अगर हम दालचीनी का प्रयोग करे तो ये त्वचा संबंधी रोगो को सही करने कारगर उपाय है बस आपको दालचीनी और लौंग की समान मात्रा को पीसकर मिलाकर रख ले और रोज चोथाई चम्मच दालचीनी को चाटे। त्वचा में खाज और खुजली होने पर दालचीनी पाउडर तथा शहद बराबर मात्रा में लेकर पेस्‍ट बना लें। इस पेस्‍ट को लगाने से त्‍वचा की यह समस्‍या दूर होती है। दालचीनी के पाउडर में थोड़ा सा नीबूं का रस मिलाकर चेहरे पर लगाने से कील मुंहासे दूर होते हैं। दालचीनी को आप पानी में मिलाकर चेहरे पे भी लगा सकती है। त्‍वचा की समस्‍या होने पर भी दालचीनी बहुत फायदेमंद है।

दालचीनी के प्रयोग से हमारे शरीर का रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। आजकल के खान पान से लोग जल्दी थक जाते है। दालचीनी के सेवन करने से शरीर में स्फूर्ति बनी रहती है। कोई भी काम करने में थकावट नहीं होती है,बस रोज दिन रात को एक ग्लास दूध में पीसी दालचीनी और शहद लेने से शरीर में काम करने की क्षमता बढ्ने लगती है और चेहरे पे थकावट नज़र नहीं आती।

अगर आपका वजन दिन पर दिन बढ़ रहा है,आप अपने बढ़ते वजन से परेशान है तो दालचीनी अजान कम करने में मदद कर सकता है। दालचीनी को शहद और नींबू के साथ मिलाकर सेवन करने से इसका प्रभा और बढ़ जाता है। जेएससे काफी जल्दी वजन बढ्ने से छुट्टी मिल सकती है बस शर्त है आप अपने रोज दिन के आहार और व्यायाम को रोज करे। दालचीनी की चाय आजकल लोग काफी पसंद भी कर रहे और क्यू न करे अगर इससे आपका वजन कम हो तो इसमे कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। बस आपको एक कप गरम पानी करे और एक दालचीनी की स्टिक डालकर उबाले। फिर जब पानी थोड़ा ठंडा होजाए तो १ नींबू उसमे निचोड़ ले और शहद मिलाकर पिये।

दालचीनी गठिया रोग में काफी फायदेमंद होता है। दालचीनी में गठिया दर्द से जुड़े साइटोकिन्स को कम करने की क्षमता है। अगर आप रोज सुबह शाम आधा चम्मच दालचीनी और 1 चम्मच शहद मिलाकर सेवन करे तो एक हफ्ते में आपको काफी आराम मिलने लगेगेगी और 1 महीने के अंदर आप आराम से चल फिर सकेगे।






दालचीनी में विभिन्न प्रकार के एंटी इंफलमेटरी गुण होते है जो दिल और उसके आसपास की धमनियो को संक्रमण
से बचाने में मदद करता है। आजकल की जीवन शैली में लोग बाहर का खाना या फैटी फूड का सेवन ज्यादा करने लगे है जिससे उनके शरीर में विषाक्त पदार्थ का निर्माण होता है जिससे हृदई रोग बढ़ता है। दालचीनी के प्रयोग से आंतरिक ऊतको में सूजन को कम करने तथा दिल के दौरे की बीमारी के जोखिम को कम करने में मदद करता है। शहद और दालचीनी से कोलेस्ट्रॉल को स्तर को कम किया जा सकता है जिससे हार्ट अटैक का खतरा कम हो जाता है। दालचीनी खून के थक्के को भी जमने नहीं देते।

दालचीनी के सेवन से भी मासिक धर्म ठीक से आने में मदद मिलती है। बस ध्यान रहे गर्भवती महिला इसका सेवन न करे। पिसी हुई दालचीनी एक चम्मच रोज एक बार सुबह पानी के साथ ले। किसी किसी को इससे पेट में भी दर्द होता है तो पेट दर्द होने पर इसमे मूंग की दल के बराबर हिंग मिलाकर खले।बहुत फायदा मिलेगा।

दालचीनी आपके ब्लड से खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को काफी कम करने मदद करता है जेएससे हृदई रोग के जोखिम को कम कर सकते है। इसमे मौजूद सक्रिय संघटक कोशिकाओ की चीनी को चयापचय करने की क्षमता यानि योग्यता को २० गुना तक बढ़ा सकता है।आप अपने कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रण में रखने के लिए रोज दिन में एक बार दालचीनी को अपने कॉफी या चाय में मिलाकर सेवन करे आराम मिलेगा।

दालचीनी सर्दी और फ्लू को ठीक करने बहुत उपयोगी है। गल शोथ से छुटकारा पाने के लिए पिसी हुई दालचीनी को ग्रीन टी के साथ या सेब के सिरके के साथ पीने से काफी आराम मिलता है। सर्दी-जुकाम होने पर दालचीनी का प्रयोग करना चाहिए। एक चम्मच शहद में थोड़ा सा दालचीनी पाउडर मिलाकर सुबह-शाम लेने से खांसी-जुकाम में आराम मिलता है। हल्के गर्म पानी में एक चुटकी दालचीनी पाउडर तथा एक चुटकी पिसी काली मिर्च शहद में मिलाकर पीने से जुकाम तथा गले की खराश दूर होती है। इसके पाउडर को पानी के साथ मिलाकर पेस्ट बनाकर माथे पर लगाने से ठंडी हवा से होने वाले सिर दर्द में आराम मिलता है। इसे रोज दिन में दो बार ले फायदा मिलेगा।





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