हेल्थ: जायफल के चमत्कारी औषधि प्रयोग

रिपोर्ट फराह अंसारी
आयुर्वेद में जायफल को बहुत महत्‍व है। जायफल आपकी पेट संबंधी और त्‍वचा संबंधी समस्‍याओं को दूर करने में भी मदद करता है। क्‍या आप जानते हैं कि जायफल आपकी सेहत के लिए कितना महत्‍वपूर्ण है।

जायफल के फायदे:-
जायफल अनिंद्रा भगाता है। अगर आप रोज रात को गरम दूध में जायफल का पाउडर डाल कर पीते हैं तो आपको अच्‍छी नींद आएगी।

भोजन में जायफल मिलाने से स्‍वाद के साथ साथ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढती है। इसमे बहु सारा मिनरल होता है और इसके अलावा पोटैशियम, कैल्‍शियम, आयरन और मैगनीशियम पाया जाता है।

थोड़ा सा जायफल पाउडर पानी या शहद के साथ मिला कर पेस्‍ट बनाया जाए और चेहरे पर लगाया जाए तो चेहरा बिल्‍कुल साफ हो जाता है और कुछ ही दिनों में चमकने लगता है। इससे पिंपल के दाग भी साफ होते हैं।

सदियों से जायफल का इस्‍तमाल पाचन तंत्र को ठीक करने के लिये प्रयोग किया जाता आ रहा है। तो ऐसे में सूप में स्‍वाद बढाने के लिये और स्‍वस्‍थ्‍य पेट रखने के लिये जायफल जरुर मिलाएं।

जायफल को घिस कर दूध में मिलाकर हफ्ते में तीन दिन पीने से नपुंसकता की बीमारी दूर होती है। यौन शक्ति बढ़ाने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। इसके चूर्ण और तेल को शीघ्रपतन दूर करने में उपयोग में लिया जाता है।

जायफल का तेल दांत दर्द में बहुत लाभकारी है, तभी तो आपने देखा होगा कि ज्‍यदातर टूथपेस्‍ट में दालचीनी और जायफल मिलाया जाता है।

जायफल दिमाग को भी बहुत तेज बनाता है। इसको खाने से आपको कभी एल्‍जाइमर यानी भी भूलने की बीमारी नहीं होगी।

शिशु का दूध छुड़ाकर ऊपर का दूध पिलाने पर यदि दूध पचता न हो तो दूध में आधा पानी मिलाकर, इसमें एक जायफल डालकर उबालें। इस दूध को थोडा ठण्डा करके कुनकुना गर्म, चम्मच कटोरी से शिशु को पिलाएं, यह दूध शिशु को हजम हो जाएगा।

पेट में दर्द हो, आद्यमान हो तो जायफल के तेल की 2-3 बूंद शकर में या बताशे में टपकाकर खाने से फौरन आराम होता है।

पत्थर पर पानी के साथ जायफल को घिसें और लेप तैयार कर लें। इस लेप को नेत्रों की पलकों पर और नेत्रों के चारों तरफ लगाने से नेत्र ज्योति बढ़ती है। लगातार कुछ दिनों तक लेप लगाना चाहिए।

शरीर के जोड़ों में दर्द होना गठिया यानी सन्धिवात रोग का लक्षण होता है। गठिया के अलावा चोट, मोच और पुरानी सूजन के लिए जायफल और सरसों के तेल के मिलाकर मालिश करने से आराम होता है। इसकी मालिश से शरीर में गर्मी आती है, चुस्ती फुर्ती आती है और पसीने के रूप में विकार निकल जाता है।

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