हेल्थ: बादाम के औषधीय फायदे।

हेल्थ: बादाम के औषधीय फायदे।

फराह अंसारी
मस्तिष्क को सक्रिय और शारीरिक दुर्बलता को दूर करने के लिए बादाम का सेवन बहुत ही गुणकारी होता है। मिठाई और दूसरे व्यंजनों में इस्तेमाल किये जाने वाला बादाम उर्जा का सबसे अच्छा स्रोत है। लेकिन बहुत अधिक खाने पर मोटापा भी बढ़ सकता है। इसमें मौजूद वसा आपकी चर्बी को बढ़ा सकता है। बादाम में सोडियम नहीं होने से हाई बल्डप्रेशर के रोगियों के लिये भी लाभदायक रहता है। इसके अलावा इसके सेवन से खांसी, डायबिटीज़, एनीमिया, पथरी जैसी समस्याओं से भी निजात मिलता है।

आस्ट्रेलिया, कैलिफोर्निया, अफ्रीका और भारत में सबसे ज्यादा पाये जाने वाला बादाम प्रोटीन, वसा, विटामिन और मिनेरल का सबसे बड़ा स्रोत हैं। यह न केवल आपके व्यंजन के स्वाद को बढ़ाता है बल्कि इसके औषधीय फायदे भी हैं।

1. रात को चार-पांच बादाम पानी में डालकर रख दें। सुबह उनके छिलके उतारकर पांच छोटी इलायची के साथ पीसकर उसमें थोडी-सी मिश्री मिला लें और पानी में मिलाकर पीने से पेशाब में जलन की समस्या दूर होती है।

2. पांच बादाम रात को पानी में डालकर रखें, सुबह उठकर उन बादामों का छिलका अलग करके उन्हें पीसकर मिश्री मिलाकर चाटकर खाने से सूखी खांसी में बहुत फायदा होता है।

3. बादाम की चार-पांच गिरी के छिलके उतारकर घी में भूनें। जब गिरी गुलाबी हो जाए तो उन्हें दूध में डालकर उबालें, फिर चीनी मिलाकर पीने से गर्भावस्था में शारीरिक शक्ति मिलती है। श्वेत-प्रदर रोग भी दूर होता है।

4. तीन-चार बदामों की गिरी पानी में डालकर, छिलके उतारकर लहसुन की एक कली और मिश्री के साथ पीसकर बच्चों को दिन में दो-तीन बार चटाने से काली खांसी का प्रकोप दूर होता है।

5. भीगे हुए बादामों की गिरी के छिलके उतारकर काली मिर्च के साथ पीसकर मिश्री मिलाकर सेवन करने से भूलने की बीमारी दूर होती है।




6. बादाम की पांच गिरी रात को पानी में डालकर रखें और सुबह उठकर उनके छिलके अलग करके काली मिर्च और सोंठ के साथ पीसकर, मिश्री मिलाकर सुबह-शाम खाली पेट सेवन करने से शीघ्रपतन की समस्या दूर होती है।

7. फास्फोरस, लौह और कैल्शियम से भरपूर बादाम की गिरी पीसकर दूध में मिलाकर पिलाने से बच्चों की हड्डियां मजबूत होती है।

8. बच्चों के दांत निकलते समय पानी में भिगोकर रखी गिरी के छिलके उतारकर और उसे पीसें। फिर दूध में मिलाकर रोजाना पिलाने से बहुत लाभ होता है, दांत आसानी से निकलते हैं।

9. बच्चों के तुतलाने की समस्या पर उन्हें रोजाना तीन गिरी पानी में भिगोकर, छिलके उतारकर पीसकर, थोड़ा-सा मक्खन मिलाकर चाटने से कुछ दिनों में उनकी तुतलाहट की समस्या दूर होने लगती है।

10. बादाम की दो गिरी और एक छुहारा रात को पानी में डालकर रखें। सुबह गिरी के छिलके उतारकर, छुहारे के साथ पीसकर, मक्खन और मिश्री मिलाकर सेवन करने से ऋतुश्राव के अवरोध और अल्प मात्रा में श्राव होने की समस्या दूर होती है।


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