हेल्थ:जोड़ों के दर्द के 10 घरेलू इलाज।

हेल्थ:जोड़ों के दर्द के 10 घरेलू इलाज।

रिपोर्ट फराह अंसारी
जोड़ों का दर्द शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है लेकिन ज्यादातर यह घुटनों, कन्धों और कूल्हों में होता है। यह दर्द कम या ज्यादा हो सकता है और इसके कारण जोड़ों में सूजन और कठोरता भी हो सकती है।



गंभीर जोड़ों का दर्द खासतौर से गठिया के कारण होने वाला दर्द में उचित जांच और उपचार की आवश्यकता होती है। यदि आपके जोड़ों में अत्यधिक सूजन और कठोरता बनी रहती है और आपको असहनीय दर्द होता है तो आपको सबसे पहले अपने डॉक्टर से जाँच कराके उसका उचित इलाज करवाना जरूरी है।

लेकिन यदि आपको जोड़ों में हल्का या कम गंभीर दर्द रहता है तो आप कुछ आसान घरेलू उपचारों को अपनाकर इससे छुटकारा पा सकते हैं। यहाँ पर जोड़ों का दर्द ठीक करने के 10 सबसे कारगर घरेलू इलाज दिए जा रहे हैं।

1. मालिश
मालिश करने से जोड़ों का ब्लड सर्कुलेशन होता है और इन्फ्लामेशन में कमी आती है जिससे दर्द कम होता है। कई शोधों में यह बात साबित हुई है कि नियमित जोड़ों की मालिश करने से उनमें घर्षण कम होता है, कठोरता में कमी आती है, सूजन कम होती है, रक्त संचार बढ़ता है और वह लम्बे समय तक ठीक बने रहते हैं। इसलिए डॉक्टर्स अक्सर बुजुर्गों को नियमित जोड़ों की मालिश करने की सलाह देते हैं। मालिश करने के लिए आप नारियल, जैतून, सरसों, अरंडी या लहसुन के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं।

2. गर्म और ठंडी सिंकाई
जोड़ों में बारी-बारी से गर्म और ठंडी सिंकाई देने से भी दर्द कम होता है। इससे भी रक्त संचार बढ़ता है और मांसपेशियों को आराम मिलता है।
सबसे पहले दो प्लास्टिक के सिंकाई करने वाले पैड्स में गर्म और ठंडा पानी भर लें।
अब बारी-बारी से हर एक पैड को जोड़ों पर तीन-तीन मिनट के लिए रखें। इनके बीच में कोई समय का अंतर न रखें यानि एक पैड हटाने के बाद तुरंत दूसरा पैड रख लें।
इस उपचार को एक बार में कम से कम 30 मिनट के लिए करें और दिन में बार-बार करें।
नोट – यदि आपके जोड़ों में redness, गर्माहट और खुजली महसूस होती हो तो गर्म सिंकाई का प्रयोग न करें। यदि आपको सर्कुलेशन प्रॉब्लम्स हैं तो ठंडी सिंकाई का प्रयोग न करें।

3. मेंथी
मेंथी में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इन्फ्लामेशन प्रॉपर्टीज होने के कारण यह जोड़ों के दर्द के इलाज में काफी प्रचलित घरेलू औषधि है। यह खासतौर से गठिया के मरीजों के लिए फायदेमंद होती है।
रोज सुबह एक चम्मच मेथी के बीजों को एक गिलास गर्म दूध के साथ निगलें।
या फिर, रात को एक चम्मच मेथी के बीजों को पानी में डुबोकर रख दें और अगली सुबह चबाकर खाएं।

4. हल्दी
हल्दी भी जोड़ों के दर्द में काफी फायदेमंद होती है। इसमें curcumin नामक सक्रिय घटक पाया जाता है जिसमें एंटी-इन्फ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट प्रॉपर्टीज पाई जाती हैं।
एक गिलास गर्म दूध में एक चम्मच हल्दी और थोड़ा सा शहद डालकर सेवन करें।
आप 250 से 500 के हल्दी के कैप्सूल भी ले सकते हैं। इनका सेवन रोज दिन में तीन बार करें।

5. सेब का सिरका
सेब का सिरका जोड़ों और संयोजी ऊतकों से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालकर जोड़ो का दर्द कम करने में मदद करता है। इसके क्षारकारी प्रभाव होने के कारण यह गठिया के मरीजों के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है। साथ ही, इसमें कई जरूरी मिनरल्स जैसे मैग्नीशियम, कैल्शियम, पोटैशियम और फॉस्फोरस भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।

एक कप गर्म पानी में दो चम्मच आर्गेनिक सेब का सिरका और थोड़ा सा शहद मिलाकर सेवन करें। इसका सेवन रोज दोपहर और शाम को खाने से पहले करें। आप इस उपचार को जोड़ों का दर्द ठीक होने पर भी नियमित रख सकते हैं क्योंकि यह शरीर के सम्पूर्ण स्वास्थ्य को ठीक रखने में भी मदद करता है।
आप सेब के सिरके में जैतून का तेल मिलाकर जोड़ों की मालिश भी कर सकते हैं।

6. लाल मिर्च
लाल मिर्च में नामक कंपाउंड होता है जिसमें प्राकृतिक एनाल्जेसिक और दर्द निवारक प्रॉपर्टीज होती हैं।
डेढ़ कप नारियल के तेल को हल्की आंच में गर्म करें। अब इसमें दो बड़ी चम्मच लाल मिर्च मिलाकर पेस्ट तैयार करें। फिर इस पेस्ट को अपने जोड़ों पर लगायें और 20 मिनट बाद साफ कर लें। इस उपचार को दिन में कई बार करें जब तक दर्द ठीक न हो जाये।
या फिर, आप जोड़ों पर क्रीम भी लगा सकते हैं। यह क्रीम किसी भी मेडिकल स्टोर पर आसानी से उपलब्ध होती है।

7. सेंधा नमक
सेंधा नामक जोड़ों को पर्याप्त मैग्नीशियम प्रदान करता है। शरीर में मैग्नीशियम की कमी के कारण भी जोड़ों का दर्द होता है। साथ ही, मैग्नीशियम इन्फ्लामेशन कम करने में मदद करता है और सेल्स के को बढ़ाता है।
नहाने के गर्म पानी में दो कप सेंधा नामक डालें।
अब इस पानी में अपने पूरे शरीर को 20 मिनट के लिए डुबोए रखें।
इस उपचार को हर दो दिन में एक बार करें।

8. लहसुन
लहसुन में भरपूर सल्फर और सेलेनियम होने के कारण यह गठिया और जोड़ों के दर्द के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद होता है। सल्फर जोड़ों का दर्द और इन्फ्लामेशन कम करने में मदद करता है। रिसर्च के अनुसार सेलेनियम गठिया होने से रोकता है। साथ ही, अक्सर गठिया के मरीजों के रक्त में सेलेनियम की कमी देखी जाती है।
अपने भोजन में नियमित रूप से कच्चे या पके लहसुन का सेवन करें। रोज कम से कम तीन-चार लहसुन की कलियों का सेवन करें।
साथ ही, लहसुन को सरसों के तेल या तिल के तेल में पीस लें और अपने जोड़ों पर लगायें। कम से कम तीन घंटे के लिए इसे ऐसा ही लगा रहने दें। इस उपचार को रोज दो बार करें।

9. अदरक
अदरक में एंटी इन्फ्लेमेटरी होने के कारण यह मांसपेशियों और जोड़ों के दर्द को कम करने में मदद करता है।
रोज अदरक की चाय का सेवन करें या अदरक के पाउडर को अपने भोजन में मिलाएं। अदरक की चाय बनाने के लिए एक कप पानी में थोड़ा सा अदरक डालकर 10 मिनट के लिए उबालें। अब इसमें स्वादानुसार शहद मिला दें और छानकर सेवन करें।
या फिर, अदरक, हल्दी और मेंथी के पाउडर को समान मात्रा में मिलाएं। रोज सुबह इस मिश्रण की एक चम्मच मात्रा का सेवन करें।




10. कंडाली
कई शोधों से यह पता चला है कि कंडाली बिना किसी गंभीर साइड इफ़ेक्ट के जोड़ों का दर्द ठीक करने में फायदेमंद होती है। चूँकि इसका सही कारण अभी तक पता नहीं चला है, लेकिन ऐसा माना जाता है कि इसमें इन्फ्लामेशन कम करने वाले एक्टिव कंपाउंड्स पाए जाते हैं। साथ ही इसमें बोरोन तत्व भरपूर होता है जो हेल्थी हड्डियों और जोड़ों के लिए जरूरी है।
तीन चम्मच सूखे कंडाली के पाउडर को एक कप पानी में 10 से 15 मिनट के लिए गर्म करें। अब इसे छानकर सेवन करें। इसका सेवन दिन में तीन बार करें।
आप ताजा कंडाली की पत्तियों के पेस्ट को अपने जोड़ों पर लगा भी सकते हैं। शुरुआत में इससे थोड़ी खुजली महसूस होगी लेकिन अंत में दर्द कम हो जायेगा।

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