हरियाणा: रामपाल को उम्रकैद की सजा, 6 महिलाओं और एक बच्चे की मौत के दोषी।

Haryana: Rampal was convicted of life imprisonment, 6 women and one child's death

रिपोर्ट फराह अंसारी
हिसार: स्वघोषित संत और सतलोक आश्रम के प्रमुख रामपाल को हिसार कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। रामपाल पर ये फैसला अलग-अलग धाराओं के तहत दर्ज मुकदमे पर आया है। रामपाल समेत 15 आरोपियों पर एफआईआर नंबर 429 जिसमें सेक्शन 302 हत्या, 343 बंधक बनाना, 120 बी साजिश रचना जैसे मामलो में मंगलवार को सजा सुनाई गई।




302 हत्या के मामले में रामपाल समेत सभी 15 आरोपियों को उम्रकैद की सजा और 1-1 लाख का जुर्माना लगाया गया। सेक्शन 343 बंधक बनाने में रामपाल समेत सभी आरोपियों को 2 साल की सजा और 5 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया। वहीं, 120 बी साजिश रचने में रामपाल समेत सभी 15 आरोपियों को उम्रकैद की सजा और 1-1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। इस मामले में 4 महिलाओ समेत एक बच्चे की मौत हुई थी।

बीते 11 अक्टबर को कोर्ट ने दो मामले में रामपाल और उसके साथ के लोगों को दोषी करार दिया था। 17 अक्टूबर यानि कल 430 नंबर एफआईआर में फैसला आएगा। आपको बता दें नवंबर 2014 में रामपाल के सतलोक आश्रम में हिंसा हुई थी। हिंसा में 6 महिलाओं और एक बच्चे की मौत हो गई थी। पुलिस रामपाल को गिरफ्तार करने पहुंची थी जिसके बाद उसके समर्थकों ने हिंसा की थी।

स्वंयभू संत रामपाल का हरियाणा में काफी असर है। दावा है कि उनके लाखों अनुयायी हैं। खुद को कबीरपंथी बताने वाले रामपाल स्वयं को परमेश्वर का एक रूप बताता है। रामपाल संत का चोला पहनने से पहले हरियाणा सरकार के सिंचाई विभाग में जूनियर इंजीनियर था।नौकरी के समय ही रामपाल संत स्वामी रामदेवानंद महाराज का शिष्य बन गया और प्रवचन करने लगा था।

साल 1999 में रामपाल ने हरियाणा के करोंथा गांव में सतलोक आश्रम बनवाया। साल दो हजार में हरियाणा सरकार के दबाव के बाद उसने इंजीनियर के पद से इस्तीफा दे दिया।रामपाल की मुसीबत तब शुरू हुई जब जमीन विवाद में हुई हत्या के एक मामले में पुलिस उसे गिरफ्तार करने पहुंची। तब नवंबर 2014 में रामपाल ने पुलिस प्रशासन को खुली चुनौती देते हुए कानून को अपने हाथ में ले लिया था। उस समय पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों ने 12 दिनों के संघर्ष के बाद रामपाल को गिरफ्तार किया था।



रामपाल पर अभी और 3 केस चल रहे हैं, इसमें दो केस हत्या के और एक केस देशद्रोह का है। इन मामलों में उम्रकैद से लेकर फांसी तक की सजा हो सकती है। रामपाल सरकारी काम में बाधा डालने और आश्रम में लोगों को बंधक बनाने के मामले में बरी हो चुका है।

Facebook Comments