हरदोई: देश के शेल्टर होम का शर्मनाक सच, मजबूर और बेसहारा मासूमों का शोषण।

हरदोई: देश के शेल्टर होम का शर्मनाक सच, मजबूर और बेसहारा मासूमों का शोषण।

रिपोर्ट फराह अंसारी
हरदोई: जहां अंदर कहीं नाइंसाफी हो रही हो वहां बाहर खामोश रहना गुनाह है। ये हम नहीं कह रहे हैं। यह तो गुरू रवीन्द्र नाथ टैगोर करीब नब्बे साल पहले हमसे कह गए थे। शायद हम ही बहरे थे और हम सिर्फ बहरे नहीं अंधे भी हैं। क्योंकि हमें अपने शहरों में चलने वाले सफेद पोश चकला घर भी नहीं दिखाई देते, अगर दिखाई देता तो मुजफ्फरपुर, देवरिया और हरदोई ना हुआ होता। पर आप इस खुशफहमी में जी सकते हैं कि इनमें आपके शहर का नाम नहीं है,और होता भी तो आपको क्या फर्क पड़ने वाला।




जिन लोगों से हम उम्मीद करते हैं कि वह मजबूर और बेसहारों का सहारा बनकर बड़ा काम कर रहे हैं, वो मुजफ्फरपुर, देवरिया और हरदोई में वहशत का नाच कर रहे हैं। और अगर आप समझते हैं कि यह सिर्फ तीन शहर है और इसमें आप का शहर शामिल नहीं है, तो यकीनन आप धोखे में हैं।

क्योंकि अपराध खत्म करने का इरादा भी हमारे हुक्मरानों में नहीं है। हां वो अपराधी को सज़ा देने की बात कहकर अपने सर पर आई बला जरूर टाल देते हैं। अब मुश्किल ये है कि पहले तो इन रुसूख वाले सफेदपोश अपराधियों पर हाथ ही नहीं डाला जा सकता और अगर कभी ये पकड़ भी लिए जाएं तो इस तरह सिर्फ अपराधी हाथ आता है और अपराध आजाद होकर किसी दूसरे सफेदपोश के बदन में उतर जाता है। सवाल ये है कि इन सम्मानित लोगों का। उनके गुनाहों का नाश कब, कहां और कैसे होगा? लेकिन जब हम ये सवाल करते हैं, तो वह लाल आंखें दिखाकर हमसे कहते हैं।

आंखों में पट्टी बांधकर ध्रतराष्ट्र बन जाइए। वरना आंखें खुली रहीं तो कलयुग के इस महाभारत में ब्रजेश ठाकुर जैसे दुर्योधन द्रौपदी के कपड़े उतारते रहेंगे और हम पांडवों की तरह बस हाथ मलकर देखते ही रह जाएंगे। सरकार से उम्मीद ना कीजिए। उनसे नहीं हो पा रहा है। बिहार में नीतीश चुप हैं। यूपी में योगी और तो और। बहुत हुआ बेटियों पर अत्याचार। अब की बार मोदी सरकार का नारा देने वाले प्रधानमंत्री भी खामोश हैं। तो फिर अब बचता ही क्या है।

बिहार कहिये या कहिये पूरे मुल्क के इतिहास का ये सबसे शर्मनाक रेप कांड है। जिसमें शेल्टर होम के नाम पर ब्रजेश ठाकुर ने 34 लड़कियों को नशे की दवाइयां देकर। ना सिर्फ खुद बल्कि बाहरी लोगों की हैवानियत शिकार बनाया। फिलहाल सीबीआई इस बात की जांच कर रही है कि इस धागे का सिरा कहां तक जाता है और प्रशासन और सरकार के कितने लोग इसमें लिपटे हुए हैं। अभी हिंदुस्तान इस सदमें से उबर भी नहीं पाया था कि यूपी के देवरिया में एक और शेल्टर होम से आई। शर्मसार कर देने वाली खबर।

देवरिया के मां विन्ध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण सामाजिक सेवा संस्थान में शाम ढलते ही बेटियों के साथ प्रताड़ना का सिलसिला शुरू हो जाता था। रात के अंधेरे में संस्थान की मजबूर बेबस लड़कियों को अय्याशों की कारों में जबरन ठूंस दिया जाता था और फिर ये गिद्ध सारी रात इन बेटियों का बदन नोचते थे। इस हैवानियत का खुलासा तब हुआ जब यहां की एक बच्ची जुल्मो सितम की जंजीरें तोड़कर भाग निकली और उसने अपनी आपबीती पुलिस को बताई।



यूपी में देवरिया के शेल्टर होम में लड़कियों से धंधा करवाए जाने का मामला सामने आने के बाद अब हरदोई के बेनीगंज में बेसहारा महिलाओं के एक शेल्टर होम से चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। हरदोई के इस शेल्टर होम से करीब 19 महिलाएं गायब हैं। इसका खुलासा तब हुआ जब डीएम ने शेल्टर होम का दौरा किया। पता चला कि यहां के रजिस्टर में 21 महिलाओं के नाम तो दर्ज हैं। मगर मौके पर सिर्फ दो ही महिलाएं थी।

अब लगता है कि ढोंगी बाबाओं के बाद सफेदपोश बाबाओं की बारी है। जो यूपी से लेकर बिहार तक और ना जाने देश में कहां कहां। मसीहा के भेस में बलात्कारी बाबाओं से भी ज़्यादा खतरनाक तरीके से घूम रहे हैं। जो सरकार से पैसे लेकर बेसहारा बच्चियों को शिकार बना रहे हैं। और इसे सिर्फ देवरिया, मुजफ्फरपुर या हरदोई तक ही मत समझिए। जैसे जैसे वक्त बीतेगा शेल्टर होम्स को लेकर कई और खुलासे होंगे। मुमकिन है कई दूसरे शहरों में चल रहे शेल्टर होम का नाम भी फेहरिस्त में जुड़ता जाए।

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