देहरादून: बेटी ईशा की शादी से पहले दुआ मांगने केदारनाथ पहुंचे मुकेश अंबानी।

Dehradun: Prior to the marriage of daughter Isha, Mukesh Ambani arrived in Kedarnath demanding prayers.

रिपोर्ट फराह अंसारी
देहरादून: धनतेरस के मौके पर सोमवार सुबह मुकेश अंबानी उत्तराखंड के केदारनाथ धाम पहुंचे। यहां पहुंचकर उन्होंने केदारनाथ के दर्शन किए। बताया जा रहा है कि वह सुबह ही मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे। बाबा केदारनाथ के दर्शन के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि मैं केदारनाथ का आशीर्वाद लेने यहां आया हूं। इस दौरान उन्होंने देश के सभी लोगों को दिपावली की शुभकामनाएं भी दी। मुकेश अंबानी ने कहा कि मैंने बेटी ईशा अंबानी की शादी से पहले केदारनाथ का दर्शन कर उनसे आशीर्वाद लिया है।




बता दें कि मुकेश अंबानी की बेटी ईशा की शादी आनंद पीरामल के साथ 12 दिसंबर को होगी। केदारनाथ के दर्शन से पहले अंबानी अपनी बेटी की शादी का कार्ड चढ़ाने परिवार के साथ सिद्धिविनायक मंदिर भी गए थे। सिद्धिविनायक दर्शन के वक्त मुकेश अंबानी सफेद कुर्ता पजामा जबकि उनकी पत्नी नीता पटियाला सूट में नजर आईं थी।

ईशा की शादी के बारे में बताया जा रहा है कि शादी की सभी रस्मों को भारतीय परंपराओं, संस्कारों और संस्कृति को ध्यान में रखकर किया जाएगा। शादी से पहले के वीकेंड में अंबानी और पीरामल परिवार अपने दोस्तों और परिजनों को उदयपुर में बुलाएंगे जहां स्थानीय संस्कृति और परंपराओं के साथ उनका स्वागत किया जाएगा।

ईशा और आनंद की सगाई 21 सितंबर को ईटली के लेक कोमो में हुई थी। इस दौरान दोनों परिवार के खास मेहमान पहुंचे थे। खबरों की मानें तो आनंद ने महाबलेश्वर के एक मंदिर में ईशा अंबानी को शादी के लिए प्रपोज किया था। आपको बता दें की आनंद और ईशा एक-दूसरे को काफी समय से डेट कर रहे थे जिसके बाद दोनों ने इस साल शादी का फैसला किया।

ईशा अंबानी रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी की बेटी हैं और रिलायंस जियो की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर में सदस्य हैं। ईशा रिलायंस जियो के साथ रिलायंस रिटेल की निदेशक मंडल की सदस्य भी हैं। ईशा येल विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान और साउथ एशियन स्टडीज में ग्रेजुएट हैं। हाल ही में उन्होंने स्टैण्डफोर्ड के ग्रेजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन प्रोग्राम में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है।



वहीं आनंद पीरामल, पीरामल रियल्टी के संस्थापक हैं. उससे पहले उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य देखभाल के लिये पीरामल स्वास्थ्य की स्थापना की थी। वह पीरामल समूह के कार्यकारी निदेशक भी हैं।

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