बसपा से परेशान होकर भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर ने किया पार्टी का गठन,नाम हुआ फाइनल।

बसपा से परेशान होकर भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर ने किया पार्टी का गठन,नाम हुआ फाइनल।

सहारनपुर:भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर ने अब पूरी तरह से राजनीति में उतरने का फैसला ले लिया है. जल्द ही वह अपनी पार्टी के नाम का एलान करने वाले हैं. माना जा रहा है कि चन्द्रशेखर ने बीएपी बहुजन आज़ाद पार्टी नाम को फाइनल करने का विचार किया है। बताते चले तो चन्द्रशेखर हमेशा से बसपा को राजनीतिक विकल्प के तौर पर समर्थन देते थे। लेकिन नागरिकता संशोधन बिल पर बसपा के रुख से आहत होकर चंद्रशेखर ने अपने खुद के राजनीतिक दल बनाने का एलान किया है. उन्होंने बताया कि वह आगामी चुनावों में अपने उम्मीदवार उतारेंगे. इसके बाद यूपी में पंचायत चुनाव और विधानसभा चुनाव लड़ेंगे.




बसपा प्रमुख मायावती ने नही दिए भाव तो चन्द्रशेखर ने बना डाली अपनी पार्टी।

एक रिपोर्ट के अनुसार चंद्रशेखर आज़ाद को बसपा प्रमुख मायावती ने कोई महत्त्व नही दिया तो उन्होंने खुद की पार्टी बनाने का ऐलान कर दिया। इतना ही नही कुछ दिनों पहले चंद्रशेखर ने बसपा पर हमला बोलते हुए ट्विटर लिखा था कि जब संसद में संविधान की हत्या हो रही थी उस वक्त बसपा के दो राज्यसभा सांसद संविधान बचाने की लड़ाई छोड़कर भाग गए और बीजेपी को फायदा पहुंचाया. ऐसा करके उन्होंने बाबा साहेब,माननीय कांशीराम जी और पूरे बहुजन समाज के साथ छल किया है.इससे पहले भी गैर संवैधानिक आर्थिक आधार पर आरक्षण,धारा 370 पर समर्थन देकर बहन मायावती जी ने भाजपा को फायदा पहुंचाया.ऐसा करके आपने बहुजन समाज के अभिन्न अंग मुस्लिम समाज को असुरक्षित महसूस करवाया और बहुजन राजनीति को कमजोर किया है।



चंद्रशेखर ने एक जारी इंटरव्यू में कहा कि दलितों की आवाज उठाने के लिए भीम आर्मी ने तमाम तरह के विरोध प्रदर्शन किए लेकिन उन्हें कभी बसपा सुप्रीमो मायावती का समर्थन नहीं मिला. यहां तक की कई बार चंद्रशेखर ने मायावती से मिलने की भी कोशिश की लेकिन मायावती ने मुलाकात नहीं की. यही कारण है कि चंद्रशेखर ने अब बहुजन समाज की आवाज उठाने के लिए चुनावी राजनीति में उतरने का फैसला किया है.




कौन है भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर

आपको बताना चाहेंगे कि चंद्रशेखर का जन्म सहारनपुर में छुटमलपुर के पास धडकूलि गांव में हुआ. उन्होंने लाॅ की पढ़ाई की. वह पहली बार 2015 में सुर्खियों में आए. उन्होंने अपने मूल स्थान पर एक बोर्ड लगाया था, जिसमें ‘धडकाली वेलकम यू द ग्रेट चमार्स’ लिखा था. इस कदम ने गांव में दलितों और ठाकुर के बीच तनाव पैदा कर दिया था.



इसके बाद से ही चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया के जरिए काफी सुर्खियां बटोरी , चंद्रशेखर ने फेसबुक और व्हाट्सअप के जरिए लोगों को भीम आर्मी से जोड़ने का काम किया. वह दलित -मुस्लिम यूनिटी के पक्षधर माने जाते है।
साल 2017 में सहारनपुर के शब्बीरपुर गांव में दलितों और सवर्णों के बीच हिंसा हुई इसी दौरान एक संगठन उभरकर सामने आया, जिसका नाम था भीम आर्मी. पूरा नाम ‘भारत एकता मिशन भीम आर्मी’ और इसका गठन करीब 6 साल पहले किया गया था. इस संगठन के संस्थापक और अध्यक्ष चंद्रशेखर है, जिन्होंने अपना उपनाम ‘रावण’ रखा था जो बाद में हटा दिया।

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