हेल्थ: हल्दी के फायदे और चमत्कारिक औषधीय गुण

हेल्थ: हल्दी के फायदे और चमत्कारिक औषधीय गुण

रिपोर्ट फराह अंसारी
हेल्थ: हल्दी जिसको टर्मेरिक कहा जाता है यह पीसकर सब्जियों में मसाले के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। हल्दी अपने गुणकारी रासायनिक तत्वों के कारण औषधि के समान लाभदायक होती है। हल्दी में खून साफ़ करने और सूजन को ठीक करने के मजबूत गुणकारी तत्व होते हैं। अधिकांश परिवारों में सूखी हल्दी का इस्तेमाल किया जाता है। वैसे कच्ची हल्दी भी बहुत गुणकारी होती है। आयुर्वेद चिकित्सा के अनुसार हल्दी तिक्त, उष्ण, रक्तशोधक, शोथनाशक और वायु विकारों को नष्ट करने वाली होती है। हल्दी की तासीर गर्म होती हैं |हल्दी के सेवन से पेट में छिपे जीवाणु नष्ट होते हैं। हल्दी पेनिसिलिन तथा स्ट्रेप्टोमाइसिन की तरह ही कीटाणुनाशक है। वात, पित्त, कफ के विकारों में हल्दी से फायदा होता है।

हल्दी की उत्पति जमीन के भीतर जड़ के रूप में होती है जमीन के उपर सिर्फ हरा पौधा दिखाई देता हैं | हल्दी का पौधा 2 फीट तक ऊँचे होते हैं | इन पौधों से धीमी धीमी सुगंध निकलती रहती है। इसके पत्ते केले के पत्तो की तरह काफी चौड़े होते हैं। हल्दी में एक विशेष प्रकार का उड़नशील तेल 5.8% होता है। तेल में करक्यूमिन नामक टरपेन्ट होता है जो रक्त की धमनियों में एकत्र कोलेस्ट्रॉल को घोलने की क्षमता रखता है। इसके अतिरिक्त हल्दी में विटामिन ‘A’, प्रोटीन 6.3%, कार्बोहायड्रेट 69.4% और खनिज तत्व 3.5% मात्रा में होते हैं। हल्दी में जीवाणुओं को नष्ट करने की अद्भुत शक्ति होती है।

कच्ची हल्दी को पानी में उबालकर, उसकी महक खत्म करके सुखाकर हल्दी तैयार की जाती है। हल्दी में वातनाशक गुणकारी तत्व होते हैं। हल्दी के सेवन से फोड़े-फुसियां व खाज-खुजली के विकार भी नष्ट होते हैं। हल्दी के रस के सेवन से पेट की पाचन सम्बंधी क्षमता विकसित होती है।




आधी चम्मच हल्दी को थोड़ा भूनकर शहद से लेने से गला बैठना या खांसी में तुरन्त लाभ होता है।
हल्दी और मिसरी को पीसकर शहद में मिलाकर सेवन करने से ठंड से होने वाले छोटे-मोटे रोग ठीक हो जाते हैं |
हल्दी का चूर्ण, आंवले का रस 10 ग्राम और शहद मिलाकर प्रतिदिन सुबह-शाम सेवन करने से खांसी ठीक होती है।
दूध हल्दी और शहद – हल्दी और शहद से लाभ उठाने के लिए एक चम्मच पिसी हुई कच्ची हल्दी, एक गिलास गर्म दूध में मिलाकर पीने से शरीर में कहीं भी दर्द हो, कमर दर्द, सिरदर्द हो, ठीक हो जाता है। दूध में चीनी नहीं डालें। फीका या शहद मिलाकर दूध पियें।
यदि कहीं कट या जल जाए तो हल्दी के पाउडर को लगाने से खून का बहना बन्द हो जाता है। त्वचा जलने पर फफोला भी नहीं पड़ता है।
सोने से पहले हल्दी दूध लाभ : एक चम्मच हल्दी को एक गिलास गर्म दूध के साथ पीने से हड्डियाँ मजबूत रहती है और अस्थमा भी कंट्रोल में रहता हैं |


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