10 रुपये के सिक्के: संसद में उठा 10 के सिक्के न चलने का मामला

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नई दिल्ली।
देश के कई हिस्सों से 10 रुपये के कुछ सिक्कों को दुकानदारों या पब्लिक द्वारा स्वीकार न किए जाने की खबरें आती रही हैं। अब यह मामला संसद में भी उठा है। राष्ट्रीय जनता दल के सांसद जयप्रकाश नारायण यादव ने लोकसभा में शून्य काल के दौरान इस मुद्दे को उठाया। यादव ने कहा कि बिहार और झारखंड में बहुत से स्थानों पर कुछ तरह के 10 रुपये के सिक्कों को स्वीकार नहीं किया जा रहा है। बता दें कि 10 रुपये के सिक्कों के कुल 14 डिजाइन उपलब्ध हैं, इनके चलते कई बार भ्रम की स्थिति हो जाती है।



रिजर्व बैंक द्वारा कई बार स्पष्टीकरण देने के बावजूद 10 रुपये के सिक्कों को लेकर लोगों के बीच अभी भी काफी शंकाएं हैं। 10 रुपये के सिक्कों को लेने में लोग अभी भी आनाकानी करते हैं। आलम यह है कि बैंकों के पास अब 10 रुपये के सिक्कों को स्टोर करने की जगह तक कम पड़ चुकी है।

इस साल जनवरी में रिजर्व बैंक ने एक बयान जारी करते हुए कहा था, ‘आरबीआई के यह संज्ञान में आया है कि कुछ जगहों पर लोग और दुकानदार 10 रुपये के सिक्कों को नकली होने की आशंका में लेने से इनकार करते हैं।’ आरबीआई ने स्पष्ट किया था, ‘अभी तक रिजर्व बैंक ने 10 रुपये के सिक्कों की 14 डिजाइन जारी की हैं।




ये सभी सिक्के लीगल टेंडर हैं और लेन-देन में इनका इस्तेमाल किया जा सकता है।’ लेकिन आपको बता दें कि 10 रूपये के सिक्कों के 14 डिजाईन है जो देश की जनता को मालूम ही नही है कि यह डिजाईन असली है या नकली और ना ही इन सिक्कों की पहचान के लिए भारत सरकार द्वारा या आरबीआई द्वारा टीवी चैनल्स पर कोई विडियो या प्रचार नही किया गया की जो सिक्के भारत सरकार द्वारा लीगल टेंडर की श्रेणी में है उनकी पहचान देश की जनता कैसे करें इसीकारण जागरूकता की कमी के चलते और देश में नकली करेंसी के प्रचलन के कारण देश की अधिकांश आबादी इन सिक्कों की पहचान करने में असमर्थ है जिसके लिए भारत सरकार और आरबीआई को मिलकर इस समस्या का समाधान निकालना चाहिए.

आरबीआई द्वारा जारी 14 डिजाइन के 10 रुपये के सिक्कों की पूरी जानकारी…

1. सबसे नया 10 रुपये का सिक्का पिछले साल जून में श्रीमद रामचंद्र की 150वीं जयंती के मौके पर जारी किया गया था।

आगे: अशोक स्तम्भ का सिंह बीच में और रुपये का सिंबल और ’10’ नीचे लिखा हुआ।
पीछे: बीच में श्रीमद राजचंद्र की उकरी तस्वीर और उसके आसपास साल ‘1867’ और ‘1901’ लिखा हुआ।

2. अप्रैल 2017 में राष्ट्रीय अभिलेखागार के 125 साल होने पर 10 रुपये के सिक्के जारी किए गए।

आगे: अशोक स्तम्भ का सिंह बीच में और रुपये का सिंबल और ’10’ नीचे लिखा हुआ।
पीछे: बीच में राष्ट्रीय अभिलेखागार की इमारत की तस्वीर, ‘125 वर्ष’ नीचे लिखा हुआ। 125वीं साल का लोगो इमारत के ऊपर।

3. जून 2016 में स्वामी चिन्मयानंद की जन्मशती के उपलक्ष्य में 10 रुपये के सिक्के जारी किए गए।

आगे: अशोक स्तम्भ का सिंह बीच में और रुपये का सिंबल और ’10’ नीचे लिखा हुआ।
पीछे: सिक्के के पीछे बीच में ‘स्वामी चिन्मयानंद’ की तस्वीर और उसकी नीचे ‘2015’ लिखा हुआ।

4. जनवरी 2016 में 10 रुपये के सिक्के डॉ. भीमराव आंबेडकर की 125वीं जन्मशती पर जारी किए गए थे।




आगे: अशोक स्तम्भ का सिंह बीच में और रुपये का सिंबल और ’10’ नीचे लिखा हुआ।
पीछे: डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीर बीच में और नीचे 2015 लिखा हुआ। ‘भीमराव आंबेडकर की जन्मशती’ सिक्के के चारों ओर गोलाई में लिखा हुआ।

5. जुलाई 2015 में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर 10 रुपये के सिक्के जारी किए गए।

आगे: अशोक स्तम्भ का सिंह बीच में और रुपये का सिंबल और ’10’ नीचे लिखा हुआ।
पीछे: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का लोगो बीच में और लोगो के नीचे ’21 जून’ लिखा हुआ।

6. महात्मा गांधी के दक्षिण अफ्रीका से वापस लौटने के 100 साल पूरे होने के मौके पर 16 अप्रैल 2015 को 10 रुपये का विशेष सिक्का जारी किया गया।

आगे: अशोक स्तम्भ का सिंह बीच में और रुपये का सिंबल और ’10’ नीचे लिखा हुआ।
पीछे: महात्मा गांधी की दो तस्वीरें और नाम लिखा हुआ। गोलाई में चारों ओर दक्षिण अफ्रीका से वापसी शताब्दी लिखा हुआ।

7. क्वायर बोर्ड की डायमंड जुबली यानी 60 साल पूरे होने पर विशेष 10 रुपये का सिक्का जुलाई 2014 में जारी किया गया।

आगे: अशोक स्तम्भ का सिंह बीच में और रुपये का सिंबल और ’10’ नीचे लिखा हुआ।
पीछे: बीच में कयर बोर्ड का लोगो, 1953-2.013 लिखा हुआ। ऊपर कयर बोर्ड के 60 वर्ष गोलाई में लिखा हुआ।




8. अगस्त 2013 में रिजर्व बैंक ने माता वैष्णों देवी श्राइन बोर्ड के 25 वर्ष पूरे होने पर 10 रुपये का विशेष सिक्का जारी किया गया।

आगे: अशोक स्तम्भ का सिंह बीच में और रुपये का सिंबल और ’10’ नीचे लिखा हुआ।
पीछे: श्री माता वैष्णों देवी श्राइन बोर्ड लिखा हुआ और बीच में माता की तस्वीर।

9. जून 2012 में भारतीय संसद के 60 वर्ष पूरे होने पर 10 रुपये के नए सिक्के जारी किए गए।

आगे: अशोक स्तम्भ का सिंह बीच में और रुपये का सिंबल और ’10’ नीचे लिखा हुआ।
पीछे: बीच में भारतीय संसद की तस्वीर और उसके ऊपर ‘1952-2012’ लिखा हुआ। गोलाई में ‘भारत की संसद के 60 वर्ष’ लिखा हुआ।

10. जुलाई 2011 में 10 रुपये के सिक्कों की नई सीरीज जारी की गई थी।

आगे: अशोक स्तम्भ का सिंह बीच में और रुपये का सिंबल और ’10’ नीचे लिखा हुआ।
पीछे: ऊपर बाहर की तरफ निकलते 10 पंख जो ग्रोथ और कनेक्टिविटी दर्शाते हैं। बीच में रुपये का सिंबल और नीचे ’10’ अंकों में लिखा हुआ।

11. अप्रैल 2010 में ‘आरबीआई के 75 वर्ष’ पूरे होने पर 10 रुपये के सिक्के जारी हुए।

आगे: अशोक स्तम्भ का सिंह ऊपर और उसके नीचे ’10’ लिखा हुआ। गोलाई में भारत और रुपये हिंदी और अंग्रेजी में।
पीछे: सिक्के के बीच में रिजर्व बैंक का लोगो और उसके नीचे प्लैटिनम जयंती लिखा हुआ। उसके नीचे ‘1935-2010’ लिखा हुआ।

12. होमी बाबा की जन्मशताब्दी के अवसर पर 10 रुपये के सिक्के फरवरी 2010 में जारी किए गए।
आगे: अशोक स्तम्भ का सिंह बीच में और रुपये का सिंबल और ’10’ नीचे लिखा हुआ।
पीछे: गोलाई में होमी भाभा जन्म शताब्दी वर्ष लिखा हुआ। बीच में भाभा की तस्वीर और उसके नीचे ‘2008-2009’ अंकित।

13. मार्च 2009 में ‘अनेकता में एकता’ थीम पर बाइ-मटैलिक 10 रुपये के सिक्के जारी किए गए।

आगे: ऊपर ‘भारत’ और उसके बाद ‘इंडिया’ लिखा हुआ। उसके नीचे अशोक स्तम्भ और दाईं तरफ ’10’ अंकों में लिखा हुआ। उसके नीचे सिक्का बनने का वर्ष।
पीछे: अनेकता में एकता को दर्शाता एक खास पैटर्न। 90 डिग्री पर काटती दो-दो रेखाएं और उनके पास चार बिंदू। गोलाई में ‘दस रुपये’ हिंदी और अंग्रेजी में लिखा हुआ।



14. 2009 में ही ‘कनेक्टिविटी और इन्फॉर्मेशन टेक्नॉलजी’ की थीम पर सिक्कों का बैच जारी किया गया था।

आगे: सिक्के पर दो हॉरिजॉन्टल लाइनें। बीच में अशोक स्तम्भ और उसके नीचे ‘सत्यमेव जयते’ लिखा हुआ। उसके नीचे सिक्का जारी होने का वर्ष।
पीछे: सिक्के के बीच में बड़ा ’10’ अंकों में बना हुआ और बाहर की ओर निकलते 15 पंख। नीचे रुपये हिंदी और अंग्रेजी में लिखा हुआ।

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